6 June 2025 Current Affairs Questions
हैलो दोस्तों !
आज हम current affairs के इन बिंदुओं पर गहराई से विचार करेंगे और उम्मीद करेंगे कि आप इन बिंदुओं को लंबे समय तक याद रखने के लिए हमारे साथ 30 से अधिक प्रश्नों की क्विज जरूर खेलेंगे
- A1. सेमीकंडक्टर हब बनेगा असम: रतन टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी
- A2. धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा: गंगा और शारदा कॉरिडोर
- A3. डॉ. मनमोहन सिंह बेंगलुरु विश्वविद्यालय: एक नया अध्याय!
- A4. नोएडा में माइक्रोसॉफ्ट का बड़ा कदम: भारत के AI भविष्य को मिलेगा बढ़ावा!
- A5. भारत की पहली नाइट सफारी: एक नया अनुभव
- A6.स्वच्छ कोयला ऊर्जा की नई दिशा: CLEANZ पहल
आप प्रतिदिन हमारी वेबसाइट SelfStudy Meter पर 30 करंट अफेयर प्रश्नों को पढ़ सकते हैं और अगले दिन सुबह 7:00 बजे इन पढ़े हुए प्रश्नों की क्विज खेल सकते हैं हमारे YouTube channel - Mission: CAGS पर, जबकि प्रतिदिन 45 से अधिक करंट अफेयर प्रश्नों की क्विज खेलने के लिए व pdf डाउनलोड करने के लिए हमें टेलीग्राम पर फॉलो कर सकते हैं ।Our Telegram channel - Mission: CAGS
Quiz time on Telegram is 7:30 p.m
क्विज खेलने के फायदे:
क्विज खेलने से आपकी रीडिंग स्किल इंप्रूव होगी, लर्निंग स्किल बढ़ेगी और आप अपनी तैयारी का स्वमूल्यांकन कर सकेंगे मतलब आप अपना याद किया हुआ चेक कर सकेंगे कि आपके द्वारा पढ़ा हुआ आपको कितना याद है?क्विज खेलने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि आप अपनी तैयारी को एक दिशा दे पाएंगे।

A1.
सेमीकंडक्टर हब बनेगा असम: रतन टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी
Assam
to be Semiconductor Hub: Ratan Tata Electronics City
असम जल्द ही भारत के सेमीकंडक्टर उद्योग का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनने जा रहा है, और इस क्रांति की अगुवाई करेगा "रतन टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी" (RTEC)। हाल ही में असम कैबिनेट ने जगीरोड में प्रस्तावित विशाल क्षेत्र, जिसमें असम सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स लॉजिस्टिक्स पार्क (ASELP), टाटा OSAT सेंटर और संबंधित टाउनशिप शामिल हैं, को आधिकारिक तौर पर 'रतन टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी' नाम देने को मंजूरी दी है। यह न केवल असम के लिए बल्कि पूरे भारत के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
रतन टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी (RTEC) की मुख्य बातें:
नामकरण: असम कैबिनेट ने जगीरोड में असम सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स लॉजिस्टिक्स पार्क (ASELP), टाटा OSAT सेंटर और प्रस्तावित टाउनशिप को 'रतन टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी' (RTEC) नाम देने को मंजूरी दी है।
विजन: मार्च, 2024 में माननीय रतन टाटा ने असम को सेमीकंडक्टर उद्योग का हब बनाने का एक दूरदर्शी विजन प्रस्तुत किया था।
निवेश: इस परियोजना में ₹27,000 करोड़ (लगभग 3.25 बिलियन अमेरिकी डॉलर) का विशाल निवेश किया जा रहा है।
भारत की पहली स्वदेशी सुविधा: असम में भारत की पहली स्वदेशी सेमीकंडक्टर असेंबली और टेस्ट फैसिलिटी स्थापित की जा रही है। यह सुविधा 'आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट (OSAT)' के नाम से जानी जाती है।
उत्पादन क्षमता: यह प्लांट प्रतिदिन 48 मिलियन (4.8 करोड़) चिप्स का उत्पादन करने में सक्षम होगा, जो भारत की चिप आवश्यकताओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
रोजगार सृजन: इस परियोजना से सीधे तौर पर और अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 30,000 नौकरियाँ (रोजगार) सृजित होने का अनुमान है, जो स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देगा।
रणनीतिक महत्व: यह पहल भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला में एक मजबूत स्थिति प्रदान करेगी और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण में आत्मनिर्भरता की ओर एक बड़ा कदम होगा।
सामाजिक बुनियादी ढाँचा: इस परियोजना में सिर्फ औद्योगिक विकास ही नहीं, बल्कि सामाजिक बुनियादी ढाँचे के साथ एक टाउनशिप का भी निर्माण शामिल है, जिससे क्षेत्र में समग्र विकास सुनिश्चित होगा।
अतिरिक्त जानकारी:
OSAT क्या है? OSAT (Outsourced
Semiconductor Assembly and Test) सुविधाएँ वे कारखाने हैं जो चिप्स के निर्माण के अंतिम चरणों को संभालते हैं। इसमें वेफर को छोटे-छोटे चिप्स में काटना, उन्हें पैकेज करना और फिर गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए उनका परीक्षण करना शामिल है।
भारत का सेमीकंडक्टर मिशन: यह परियोजना भारत सरकार के 'सेमीकंडक्टर मिशन' का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसका उद्देश्य देश में एक मजबूत सेमीकंडक्टर पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करना है।
टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स प्राइवेट लिमिटेड (TEPL): इस परियोजना का नेतृत्व टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स प्राइवेट लिमिटेड (TEPL) कर रहा है, जो टाटा संस की एक सहायक कंपनी है।
बहुविकल्पीय प्रश्न:
1. रतन टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी (RTEC) का नामकरण कहाँ प्रस्तावित किया गया है?
a. गुवाहाटी
b. दिसपुर
c. जगीरोड
d. तेजपुर
2. रतन टाटा ने किस वर्ष असम को सेमीकंडक्टर उद्योग का हब बनाने का विजन रखा था?
a. मार्च
2023
b. मार्च
2024
c. मार्च
2025
d. मार्च
2026
3. रतन टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी परियोजना में अनुमानित कुल निवेश कितना है?
a. ₹20,000 करोड़
b. ₹27,000 करोड़
c. ₹30,000 करोड़
d. ₹35,000 करोड़
4. असम में स्थापित हो रही भारत की पहली स्वदेशी सेमीकंडक्टर सुविधा किस नाम से जानी जाती है?
a. IC फैब्रिकेशन
b. चिप डिजाइन सेंटर
c. आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट (OSAT)
d. वेफर निर्माण इकाई
5. रतन टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी परियोजना से सीधे तौर पर और अप्रत्यक्ष रूप से लगभग कितने रोजगार सृजित होने का अनुमान है?
a. 10,000
b. 20,000
c. 30,000
d. 40,000
A2.
धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा: गंगा और शारदा कॉरिडोर
Promoting
Religious Tourism: Ganga and Sharda Corridors
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की घोषणा की है: पवित्र गंगा और शारदा नदियों के किनारे गलियारे (कॉरिडोर) बनाए जाएंगे।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य:
सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का संरक्षण: उत्तराखंड की समृद्ध धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखना।
तीर्थयात्रियों के लिए बेहतर सुविधाएँ: तीर्थयात्रियों के लिए बुनियादी ढांचे और सुविधाओं में सुधार करना, जिससे उनकी यात्रा अधिक सुगम और आरामदायक बन सके।
गंगा और शारदा नदियों का महत्व:
धार्मिक और सांस्कृतिक आस्था का प्रतीक: ये नदियाँ भारत भर में लाखों श्रद्धालुओं के लिए धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व रखती हैं।
जीवनदायिनी और आस्था का केंद्र: ये नदियाँ न केवल दैनिक जीवन के लिए महत्वपूर्ण हैं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था और भक्ति का भी प्रतीक हैं।
शारदा नदी के बारे में महत्वपूर्ण तथ्य:
काली नदी का निचला हिस्सा: शारदा नदी, जिसे काली नदी (या महाकाली नदी) की निचली धारा के रूप में भी जाना जाता है।
उद्गम स्थल: यह भारत के उत्तरी उत्तराखंड राज्य में महान हिमालय में नंदा देवी पर्वतमाला की पूर्वी ढलानों पर पिथौरागढ़ जिले में 3,600 मीटर (11,800 फीट) की ऊंचाई पर उत्पन्न होती है।
अंतर्राष्ट्रीय सीमा: यह नदी फिर नेपाल और भारत की सीमा के बीच बहती है, जो दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण है।
अन्य नाम: इसे कुमाऊं क्षेत्र में काली गंगा के नाम से भी जाना जाता है।
बहुविकल्पीय प्रश्न :
6. उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए किन नदियों के किनारे गलियारे बनाने की घोषणा की है?
a. यमुना और गंगा
b. गंगा और शारदा
c. शारदा और काली
d. यमुना और काली
7. गंगा और शारदा नदियों के किनारे गलियारे बनाने की पहल का मुख्य उद्देश्य क्या है?
a. केवल तीर्थयात्रियों के लिए बुनियादी सुविधाएँ सुधारना
b. सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को संरक्षित करना और तीर्थयात्रियों के लिए सुविधाएँ सुधारना
c. सिर्फ स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना
d. केवल नदियों को प्रदूषण से बचाना
8. शारदा नदी का एक अन्य नाम क्या है जिसका उल्लेख लेख में किया गया है?
a. यमुना गंगा
b. महाकाली नदी
c. गोमती नदी
d. सरस्वती नदी
9. शारदा नदी किस भारतीय राज्य में उत्पन्न होती है?
a. उत्तर प्रदेश
b. हिमाचल प्रदेश
c. उत्तराखंड
d. बिहार
10. शारदा नदी कितने मीटर की ऊँचाई पर उत्पन्न होती है?
a. 2,500 मीटर
b. 3,000 मीटर
c. 3,600 मीटर
d. 4,000 मीटर
A3.
डॉ.
मनमोहन सिंह बेंगलुरु विश्वविद्यालय: एक नया अध्याय!
Dr.
Manmohan Singh Bengaluru University: A New Chapter!
हाल ही में कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने एक महत्वपूर्ण घोषणा की है, जिसके तहत बेंगलुरु सिटी यूनिवर्सिटी का नाम बदलकर डॉ. मनमोहन सिंह बेंगलुरु विश्वविद्यालय रखा जाएगा। यह कदम भारत के दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के सम्मान में उठाया जा रहा है, जिनका निधन 26 दिसंबर, 2024 को हुआ था। यह विश्वविद्यालय देश का ऐसा पहला संस्थान होगा जिसका नाम इस महान अर्थशास्त्री और राजनेता के नाम पर रखा जाएगा।
मुख्य बातें:
नाम परिवर्तन: बेंगलुरु सिटी यूनिवर्सिटी का नाम अब डॉ. मनमोहन सिंह बेंगलुरु विश्वविद्यालय होगा।
सम्मान: यह भारत के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को श्रद्धांजलि है, जिनका निधन 26 दिसंबर, 2024 को हुआ था।
ऐतिहासिक कदम: यह देश का पहला विश्वविद्यालय होगा जिसका नाम डॉ. मनमोहन सिंह के नाम पर रखा जाएगा।
उद्देश्य: सरकार का लक्ष्य इस विश्वविद्यालय को एक आदर्श और उत्कृष्ट शैक्षिक संस्थान बनाना है।
संबद्धता: गवर्नमेंट आर्ट्स कॉलेज और गवर्नमेंट आरसी कॉलेज को इस विश्वविद्यालय के संबद्ध कॉलेजों के रूप में जोड़ा जाएगा, जिससे इसकी शैक्षणिक पहुंच और गुणवत्ता में वृद्धि होगी।
बहुविकल्पीय प्रश्न
11. कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने हाल ही में किस विश्वविद्यालय का नाम बदलने की घोषणा की है?
a. कर्नाटक विश्वविद्यालय
b. मैसूर विश्वविद्यालय
c. बेंगलुरु सिटी यूनिवर्सिटी
d. धारवाड़ विश्वविद्यालय
12. बेंगलुरु सिटी यूनिवर्सिटी का नाम बदलकर किसके सम्मान में रखा जाएगा?
a. अटल बिहारी वाजपेयी
b. जवाहरलाल नेहरू
c. इंदिरा गांधी
d. डॉ. मनमोहन सिंह
13. डॉ. मनमोहन सिंह का निधन किस तारीख को हुआ था जिसके कारण यह सम्मान दिया जा रहा है?
a. 26 दिसंबर,
2023
b. 26 जनवरी,
2024
c. 26 दिसंबर,
2024
d. 26 जनवरी,
2025
Answer and Explanation
14. डॉ. मनमोहन सिंह के नाम पर रखे जाने वाला यह विश्वविद्यालय देश का कौन सा विश्वविद्यालय होगा?
a. दूसरा
b. पहला
c. तीसरा
d. चौथा
15. सरकार ने बेंगलुरु सिटी यूनिवर्सिटी को एक आदर्श संस्थान बनाने के उद्देश्य से किन कॉलेजों को इसके संबद्ध कॉलेजों के रूप में शामिल करने की योजना बनाई है?
a. गवर्नमेंट साइंस कॉलेज और गवर्नमेंट कॉमर्स कॉलेज
b. गवर्नमेंट आर्ट्स कॉलेज और गवर्नमेंट लॉ कॉलेज
c. गवर्नमेंट आर्ट्स कॉलेज और गवर्नमेंट आरसी कॉलेज
d. गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज और गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज
A4.
नोएडा में माइक्रोसॉफ्ट का बड़ा कदम: भारत के AI भविष्य को मिलेगा बढ़ावा!
Microsoft's
Big Leap in Noida: Boosting India's AI Future!
माइक्रोसॉफ्ट ने नोएडा में अपना विशाल भारत विकास केंद्र (India Development Center -
IDC) स्थापित किया है, जो देश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और क्लाउड कंप्यूटिंग के भविष्य को नई दिशा देगा।
शिलान्यास की सच्चाई: जबकि आपके इनपुट में 8 मार्च, 2025 की तारीख दी गई है, असल में माइक्रोसॉफ्ट इंडिया डेवलपमेंट सेंटर, नोएडा का शिलान्यास फरवरी 2021 में हुआ था। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस महत्वपूर्ण परियोजना की आधारशिला रखी थी।
विशाल कैंपस: नोएडा के सेक्टर 145 में स्थित यह अत्याधुनिक केंद्र लगभग 15 एकड़ भूमि में फैला हुआ है। इसका कुल बिल्ट-अप एरिया 1.1 मिलियन वर्ग फीट होगा, जो इसे एक विशालकाय परिसर बनाता है।
फोकस क्षेत्र: यह केंद्र मुख्य रूप से AI उन्नति, क्लाउड सेवाओं और साइबर सुरक्षा पर केंद्रित होगा। माइक्रोसॉफ्ट का लक्ष्य भारत के बढ़ते AI क्षेत्र को जबरदस्त बढ़ावा देना है, जिससे नवाचार और तकनीकी विकास को गति मिलेगी।
माइक्रोसॉफ्ट का सबसे बड़ा R&D केंद्र (मुख्यालय के बाहर): यह जानकर आपको आश्चर्य होगा कि माइक्रोसॉफ्ट इंडिया डेवलपमेंट सेंटर, नोएडा माइक्रोसॉफ्ट के मुख्यालय (रेडमंड, यूएसए) के बाहर उसका सबसे बड़ा अनुसंधान और विकास (R&D) केंद्र है। यह भारत में माइक्रोसॉफ्ट के विश्वास और निवेश को दर्शाता है।
उत्तर प्रदेश बना अगला तकनीकी हब: हैदराबाद के बाद, नोएडा अब माइक्रोसॉफ्ट का अगला प्रमुख आधार बनने के लिए तैयार है। यह उत्तर प्रदेश के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, जो राज्य को एक प्रमुख तकनीकी और निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित करेगा।
निवेश और सेवा का संगम: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ग्रेटर नोएडा में नव विकसित शारदा केपर-हेल्थ सिटी का भी उद्घाटन किया, जिसे उन्होंने 'सेवा और निवेश का अनूठा मिश्रण' बताया। उन्होंने निजी क्षेत्र के योगदान की सराहना की, जो राज्य के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
बहुविकल्पीय प्रश्न:
16. माइक्रोसॉफ्ट इंडिया डेवलपमेंट सेंटर, नोएडा का शिलान्यास किस वर्ष हुआ था?
a) 2025
b) 2021
c) 2020
d) 2022
17. माइक्रोसॉफ्ट इंडिया डेवलपमेंट सेंटर, नोएडा कितने एकड़ भूमि में फैला हुआ है?
a) 1.1 मिलियन
b) 20
c) 15
d) 10
18. माइक्रोसॉफ्ट इंडिया डेवलपमेंट सेंटर, नोएडा किन मुख्य क्षेत्रों पर केंद्रित होगा?
a) कृषि, शिक्षा और स्वास्थ्य
b) AI, क्लाउड सेवाएँ और साइबर सुरक्षा
c) विनिर्माण, खुदरा और लॉजिस्टिक्स
d) अंतरिक्ष अनुसंधान और परमाणु ऊर्जा
19. माइक्रोसॉफ्ट इंडिया डेवलपमेंट सेंटर, नोएडा माइक्रोसॉफ्ट का मुख्यालय (रेडमंड, यूएसए) के बाहर कैसा R&D केंद्र है?
a) सबसे छोटा
b) दूसरा सबसे बड़ा
c) सबसे नया
d) सबसे बड़ा
20. हैदराबाद के बाद, माइक्रोसॉफ्ट का अगला प्रमुख आधार बनने के लिए कौन सा भारतीय शहर तैयार है?
a) बेंगलुरु
b) मुंबई
c) चेन्नई
d) नोएडा
A5.
भारत की पहली नाइट सफारी: एक नया अनुभव
India's
First Night Safari: A New Experience
उत्तर प्रदेश सरकार लखनऊ में एक बेहद महत्त्वाकांक्षी परियोजना पर काम शुरू करने जा रही है, जो भारत के पर्यटन और वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित होगी।
यह परियोजना क्यों खास है?
भारत की पहली नाइट सफारी: यह परियोजना भारत की पहली और दुनिया की पाँचवीं नाइट सफारी होगी। यह एक अनूठा अनुभव प्रदान करेगी जहाँ आगंतुक रात के समय वन्यजीवों को उनके प्राकृतिक आवास में देख सकेंगे।
विश्वस्तरीय डिजाइन: इसका निर्माण सिंगापुर में दुनिया की पहली नाइट सफारी विकसित करने वाली एजेंसी की भारतीय शाखा, बर्नार्ड आर्क के परामर्श से किया गया है, जो इसकी विश्वस्तरीय गुणवत्ता सुनिश्चित करता है।
बड़ा निवेश और विस्तार: इस परियोजना को दो चरणों में विकसित किया जाएगा, जिसमें कुल ₹1,500 करोड़ से अधिक का भारी निवेश किया जाएगा। यह दर्शाता है कि सरकार इस परियोजना को कितनी गंभीरता से ले रही है।
पर्यटन और संरक्षण का मेल: इसका मुख्य उद्देश्य पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी है। यह एक टिकाऊ पर्यटन मॉडल का उदाहरण बनेगा।
'कुकरैल' नाइट सफारी में क्या-क्या होगा?
यह सिर्फ एक सफारी नहीं, बल्कि एक पूर्ण रोमांच और ज्ञान का केंद्र होगा:
विभिन्न प्रकार के पशु बाड़े: इसमें 38 प्रकार के जानवरों के लिए विशेष बाड़े बनाए जाएंगे, जहाँ वे अपने प्राकृतिक वातावरण में रह सकेंगे।
मनोरंजन और ज्ञान का संगम: एक मनोरंजन गतिविधि क्षेत्र, एक 7D थिएटर, और एक आर्ट गैलरी भी होगी जो आगंतुकों को मनोरंजन के साथ-साथ ज्ञान भी प्रदान करेगी।
आधुनिक सुविधाएँ: प्रशासनिक ब्लॉक, कैफेटेरिया, प्रवेश प्लाजा जैसी मूलभूत सुविधाएँ होंगी।
पशु स्वास्थ्य और देखभाल: पशुओं के लिए क्वारंटीन वार्ड और एक आधुनिक पशु चिकित्सालय भी विकसित किया जाएगा, जो उनके स्वास्थ्य और देखभाल को सुनिश्चित करेगा।
कर्मचारियों के लिए आवास: कर्मचारियों के लिए पाँच प्रकार के आवासीय ब्लॉक भी बनाए जाएंगे, ताकि वे सफारी के पास ही सुविधाजनक रूप से रह सकें।
भव्य प्रवेश द्वार: एक भव्य प्रवेश द्वार भी बनाया जाएगा, जो इस विशाल परियोजना की भव्यता को दर्शाएगा।
लखनऊ का इको-टूरिज्म हब बनने का सपना:
उत्तर प्रदेश सरकार का लक्ष्य इस परियोजना के माध्यम से लखनऊ को एक प्रमुख इको-टूरिज्म हब के रूप में स्थापित करना है। यह न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देगा, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा और वन्यजीव पर्यटन के मानचित्र पर लखनऊ को एक महत्वपूर्ण स्थान दिलाएगा। यह परियोजना उत्तर प्रदेश के पर्यटन को एक नई दिशा देगी और इसे वैश्विक मंच पर पहचान दिलाएगी।
बहुविकल्पीय प्रश्न:
21. कुकरैल नाइट सफारी भारत की कौन से नंबर की नाइट सफारी होगी?
a) पहली
b) दूसरी
c) तीसरी
d) चौथी
22. कुकरैल नाइट सफारी का निर्माण किस देश की एजेंसी के परामर्श से किया जा रहा है?
a) अमेरिका
b) सिंगापुर
c) ऑस्ट्रेलिया
d) जर्मनी
23. कुकरैल नाइट सफारी परियोजना में कुल कितने चरणों में निवेश किया जाएगा?
a) एक
b) दो
c) तीन
d) चार
24. कुकरैल नाइट सफारी का मुख्य उद्देश्य क्या है?
a) केवल पर्यटन को बढ़ावा देना
b) केवल वन्यजीव संरक्षण को बढ़ावा देना
c) पर्यटन और वन्यजीव संरक्षण दोनों को बढ़ावा देना
d) केवल मनोरंजन प्रदान करना
25. कुकरैल नाइट सफारी परियोजना के माध्यम से उत्तर प्रदेश सरकार का लक्ष्य लखनऊ को क्या बनाना है?
a) एक प्रमुख औद्योगिक हब
b) एक प्रमुख शैक्षिक केंद्र
c) एक प्रमुख इको-टूरिज्म हब
d) एक प्रमुख व्यापारिक केंद्र
A6.
स्वच्छ कोयला ऊर्जा की नई दिशा: CLEANZ पहल
Clean
Coal Energy's New Direction: The CLEANZ Initiative
हाल ही में, कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, हैदराबाद (IIT-Hyderabad) के बीच एक ऐतिहासिक समझौता हुआ है। इस साझेदारी के तहत, स्वच्छ कोयला ऊर्जा और नेट जीरो केंद्र (CLEANZ) की स्थापना की जाएगी, जिसके लिए ₹98 करोड़ का निवेश किया जाएगा।
CLEANZ क्या है और इसका उद्देश्य क्या है?
उद्देश्य: इस संयुक्त पहल का मुख्य उद्देश्य स्वच्छ कोयला प्रौद्योगिकियों का विकास करना और कोयले के उपयोग में विविधता लाना है। यह भारत की 'नेट जीरो' प्रतिबद्धताओं के अनुरूप है, जिसका अर्थ है कि हम वातावरण में जितनी ग्रीनहाउस गैसें छोड़ते हैं, उतनी ही उसे हटाते भी हैं।
टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट: दोनों संस्थाएं भारतीय कोयले के सतत उपयोग के लिए अत्याधुनिक 'प्रौद्योगिकी तत्परता स्तर (TRL)' विकसित करने के लिए मिलकर काम करेंगी। इसका मतलब है कि वे ऐसी प्रौद्योगिकियों को विकसित करेंगी जो व्यावहारिक रूप से लागू की जा सकें।
एक ऐतिहासिक पल:
इस महत्वपूर्ण समझौते पर केंद्रीय कोयला और खान मंत्री श्री जी किशन रेड्डी की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए गए।
कोल इंडिया के अध्यक्ष श्री पी.एम. प्रसाद और आईआईटी-हैदराबाद के निदेशक प्रोफेसर बी.एस. मूर्ति ने औपचारिक रूप से समझौते पर हस्ताक्षर कर इस मील के पत्थर को चिह्नित किया।
किस मॉडल पर आधारित है CLEANZ?
CLEANZ एक सहयोगात्मक अनुसंधान और विकास (R&D) प्रयास है, जो राष्ट्रीय कोयला और ऊर्जा अनुसंधान केंद्र (NaCCER) के अधीन काम करेगा।
NaCCER, कोल इंडिया की खनन विकास और परामर्श शाखा, सेंट्रल माइन प्लानिंग एंड डिजाइन इंस्टीट्यूट (CMPDI) की एक स्वतंत्र अनुसंधान और विकास इकाई है। यह एक मजबूत आधार प्रदान करता है।
CLEANZ में किन क्षेत्रों पर ध्यान दिया जाएगा?
CLEANZ विशेष रूप से कम ग्रेड वाले और अस्वीकृत कोयले के शुद्ध शून्य उपयोग पर ध्यान केंद्रित करेगा। इसके तहत कई महत्वपूर्ण विषयगत क्षेत्रों पर अनुसंधान और विकास किया जाएगा:
कोयला सीम मीथेन (CSM) और कोयला खदान मीथेन (CMM) रिकवरी: कोयले की परतों और खदानों से निकलने वाली मीथेन, जो एक शक्तिशाली ग्रीनहाउस गैस है, को पकड़कर उसका उपयोग करना।
कार्बन कैप्चर तकनीक: कोयला आधारित बिजली संयंत्रों से निकलने वाली कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) को वातावरण में जाने से पहले ही पकड़ लेना।
कोयला गैसीकरण और सिनगैस उपयोग: कोयले को गैसीकृत करके सिनगैस (synthetic gas) बनाना, जिसका उपयोग बिजली उत्पादन या रासायनिक उत्पादों के निर्माण के लिए किया जा सकता है।
ऊर्जा दक्षता और संरक्षण: ऊर्जा के उपयोग को अनुकूलित करना और अपशिष्ट को कम करना।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और मशीन लर्निंग (ML): इन तकनीकों का उपयोग स्वच्छ कोयला प्रौद्योगिकियों को अनुकूलित और बेहतर बनाने के लिए करना।
बहुविकल्पीय प्रश्न:
26. कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) ने स्वच्छ कोयला ऊर्जा और नेट जीरो केंद्र (CLEANZ) की स्थापना के लिए किस संस्थान के साथ समझौता किया है?
a. IIT-बॉम्बे
b. IIT-दिल्ली
c. IIT-हैदराबाद
d. IIT-खड़गपुर
27. CLEANZ की स्थापना के लिए कितनी राशि का निवेश किया जाएगा?
a. ₹50 करोड़
b. ₹75 करोड़
c. ₹98 करोड़
d. ₹120 करोड़
28. CLEANZ का मुख्य उद्देश्य क्या है?
a. केवल कोयले का उत्पादन बढ़ाना
b. स्वच्छ कोयला प्रौद्योगिकियों का विकास करना और कोयले के उपयोग में विविधता लाना
c. केवल कोयला खदानों का विस्तार करना
29. CLEANZ किस अनुसंधान और विकास इकाई के अधीन काम करेगा?
a. भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI)
b. राष्ट्रीय कोयला और ऊर्जा अनुसंधान केंद्र (NaCCER)
c. भारतीय खान ब्यूरो (IBM)
d. विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (DST)
30. CLEANZ के तहत किन क्षेत्रों पर अनुसंधान और विकास किया जाएगा?
a. केवल सौर ऊर्जा
b. केवल पवन ऊर्जा
c. कोयला सीम मीथेन रिकवरी, कार्बन कैप्चर तकनीक, और कोयला गैसीकरण
d. केवल परमाणु ऊर्जा
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