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8 June 2025 Current Affairs Questions

 8 June 2025 Current Affairs Questions

हैलो दोस्तों ! 

आज हम current affairs के इन बिंदुओं पर गहराई से विचार करेंगे और उम्मीद करेंगे कि आप इन बिंदुओं को लंबे समय तक याद रखने के लिए हमारे साथ 30 से अधिक प्रश्नों की क्विज जरूर खेलेंगे

  • A1. ब्लू घोस्ट: चंद्रमा पर फायरफ्लाई का नया कदम
  • A2.   अंतरिक्ष से वापसी: सुनीता विलियम्स और क्रू-9 की लंबी यात्रा
  • A3. डॉल्फिन संरक्षण: उत्तर प्रदेश बना नंबर 1! 
  • A4. अंतरिक्ष अनुसंधान में नया मील का पत्थर: ISRO और IIT मद्रास का 'श्री एस. रामकृष्णन सेंटर'
  • A5. दक्षिणी प्रशांत में दुर्लभ चक्रवाती घटना
  • A6. धरती की गहरी सांस: माउंट फैटेल और मीथेन का रहस्य

आप प्रतिदिन हमारी वेबसाइट SelfStudy Meter पर 30 करंट अफेयर प्रश्नों को पढ़ सकते हैं और अगले दिन सुबह 7:00 बजे इन पढ़े हुए प्रश्नों की क्विज खेल सकते हैं हमारे YouTube channel - Mission: CAGS पर, जबकि प्रतिदिन 45 से अधिक करंट अफेयर प्रश्नों की क्विज खेलने के लिए व pdf  डाउनलोड करने के लिए हमें टेलीग्राम पर फॉलो कर सकते हैं ।
Our Telegram channel - Mission: CAGS
Quiz time on Telegram is 7:30 p.m


क्विज खेलने के फायदे:

क्विज खेलने से आपकी रीडिंग स्किल इंप्रूव होगी, लर्निंग स्किल बढ़ेगी और आप अपनी तैयारी का स्वमूल्यांकन कर सकेंगे मतलब आप अपना याद किया हुआ चेक कर सकेंगे कि आपके द्वारा पढ़ा हुआ आपको कितना याद है?
क्विज खेलने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि आप अपनी तैयारी को एक दिशा दे पाएंगे।


A1.
ब्लू घोस्ट: चंद्रमा पर फायरफ्लाई का नया कदम
Blue Ghost: Firefly's New Leap to the Moon

अंतरिक्ष अन्वेषण में निजी कंपनियों की भूमिका लगातार बढ़ रही है, और इसी कड़ी में फायरफ्लाई एयरोस्पेस ने एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर हासिल किया है।

ऐतिहासिक लैंडिंग: टेक्सास स्थित निजी अमेरिकी फर्म फायरफ्लाई एयरोस्पेस ने 02 मार्च, 2025 को अपने ब्लू घोस्ट अंतरिक्ष यान के साथ चंद्रमा पर अपनी पहली सफल लैंडिंग की। यह लैंडिंग क्रिसियम के पास हुई, जो चंद्रमा की सतह पर एक महत्वपूर्ण स्थान है।

 

दूसरी निजी सफलता: यह मानवरहित लैंडर फायरफ्लाई को चंद्रमा पर सफलतापूर्वक उतरने वाली दूसरी निजी कंपनी बनाता है। इससे पहले, इंट्यूटिव मशीन्स के ओडीसियस ने पिछले साल (फरवरी 2024 में) आंशिक सफलता के साथ लैंडिंग की थी। यह निजी अंतरिक्ष उद्योग के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।

 

वैज्ञानिक मिशन: ब्लू घोस्ट ने अपने साथ 10 वैज्ञानिक पेलोड ले जाए, जो विभिन्न महत्वपूर्ण वैज्ञानिक प्रयोगों को अंजाम देंगे। इन प्रयोगों में शामिल हैं:

चंद्र ताप प्रवाह का अध्ययन।

प्लूम-सतह इंटरैक्शन (लैंडर के निकास पंख और चंद्र सतह के बीच की बातचीत) का विश्लेषण।

चंद्रमा के विद्युत और चुंबकीय क्षेत्रों की खोज।

चंद्र क्षितिज की चमक का हाई डेफिनिशन वीडियो बनाना, जो भविष्य के चंद्र मिशनों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करेगा।

 

यात्रा का विवरण:

ब्लू घोस्ट को 15 जनवरी, 2025 को स्पेसएक्स फाल्कन 9 रॉकेट पर सवार होकर लॉन्च किया गया था।

लॉन्च के बाद, इसने एक महीने तक पृथ्वी की कक्षा में अपनी यात्रा की।

इसके बाद, इसने 16 दिनों तक चंद्र कक्षीय युद्धाभ्यास किए, जिसके बाद यह सफलतापूर्वक चंद्रमा की सतह पर उतरा।

 

अंतर्राष्ट्रीय उपलब्धि: ब्लू घोस्ट की यह सफलता उन देशों की सूची में एक और निजी खिलाड़ी जोड़ती है जिन्होंने अतीत में चंद्रमा पर सफल सॉफ्ट लैंडिंग की है। अब तक, 05 देश (तत्कालीन सोवियत संघ/रूस, अमेरिका, चीन, भारत और जापान) चंद्रमा पर सॉफ्ट लैंडिंग कर चुके हैं। जापान ने पिछले साल (जनवरी 2024 में) अपनी SLIM (Smart Lander for Investigating Moon) मिशन के साथ यह उपलब्धि हासिल की थी।

मिशन की अवधि: ब्लू घोस्ट का अनुमानित जीवनकाल लगभग 14 पृथ्वी दिन या एक पूरा चंद्र दिन रहा। यह अवधि चंद्रमा के अत्यधिक तापमान परिवर्तनों के कारण महत्वपूर्ण है, क्योंकि उपकरण आमतौर पर चंद्र रात के कठोर तापमान का सामना नहीं कर सकते।

बहुविकल्पीय प्रश्न:

1. फायरफ्लाई एयरोस्पेस ने अपने ब्लू घोस्ट अंतरिक्ष यान के साथ चंद्रमा पर पहली सफल लैंडिंग कब की?

a) 15 जनवरी, 2025

b) 02 मार्च, 2025

c) फरवरी 2024

d) जनवरी 2024

Answer and Explanation

2. चंद्रमा पर सफलतापूर्वक उतरने वाली दूसरी निजी कंपनी कौन सी है?

a) स्पेसएक्स

b) इंट्यूटिव मशीन्स

c) फायरफ्लाई एयरोस्पेस

d) नासा

Answer and Explanation

3. ब्लू घोस्ट अंतरिक्ष यान ने अपने साथ कितने वैज्ञानिक पेलोड ले गए थे?

a) 5

b) 8

c) 10

d) 14

Answer and Explanation

4. ब्लू घोस्ट को चंद्रमा पर लॉन्च करने के लिए किस रॉकेट का उपयोग किया गया था?

a) ब्लू ओरिजिन न्यू शेपर्ड

b) फाल्कन हेवी

c) स्पेसएक्स फाल्कन 9

d) एटलस वी

Answer and Explanation

5. ब्लू घोस्ट का अनुमानित जीवनकाल लगभग कितने पृथ्वी दिन रहा?

a) 7 दिन

b) 14 दिन

c) 16 दिन

d) 30 दिन

Answer and Explanation

 

A2.
अंतरिक्ष से वापसी: सुनीता विलियम्स और क्रू-9 की लंबी यात्रा
Return from Space: Sunita Williams and the Crew-9's Long Journey

अंतरिक्ष के अथाह विस्तार में, कुछ नाम ऐसे हैं जो बहादुरी और दृढ़ता का प्रतीक बन गए हैं। ऐसा ही एक नाम है भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स का। हाल ही में, उन्होंने और उनके साथी बुच विल्मोर ने अंतरिक्ष में नौ महीने से भी अधिक समय बिताने के बाद पृथ्वी पर सुरक्षित वापसी की है।

लंबा अंतरिक्ष प्रवास: सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर ने 19 मार्च, 2025 को स्पेसएक्स के क्रू-9 कैप्सूल (इसे मूल रूप से क्रू-9 की वापसी के लिए उपयोग किया गया था) में सवार होकर फ्लोरिडा के तट पर सुरक्षित रूप से पृथ्वी पर वापसी की। वे अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर नौ महीने से अधिक समय तक रहे।

 

अप्रत्याशित विस्तार: मूल रूप से, सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर को जून, 2024 में बोइंग के स्टारलाइनर कैप्सूल (CST-100 Starliner) का परीक्षण करने के लिए एक आठ दिवसीय मिशन पर पृथ्वी से रवाना होना था। हालांकि, कैप्सूल में कुछ तकनीकी समस्याएं सामने आने के कारण उसे असुरक्षित घोषित कर दिया गया, और दोनों अंतरिक्ष यात्रियों को अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर ही रुकना पड़ा। यह अप्रत्याशित ठहराव उनके लिए एक लंबी अवधि का अंतरिक्ष प्रवास बन गया।

 

पुनर्वास की चुनौती: अंतरिक्ष में लंबे समय तक भारहीनता में रहने से शरीर पर कई प्रभाव पड़ते हैं। इन प्रभावों का मुकाबला करने के लिए, दोनों अंतरिक्ष यात्री अब 45 दिन के एक गहन शारीरिक पुनर्वास कार्यक्रम से गुजरेंगे।

 

बहुराष्ट्रीय वापसी दल: सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर के साथ, नासा के अंतरिक्ष यात्री निक हेग और रोस्कोस्मोस अंतरिक्ष यात्री अलेक्जेंडर गौरबुनोव भी पृथ्वी पर वापस लौटे। यह वापसी भारतीय समयानुसार सुबह 3:30 बजे हुई।

सुनीता विलियम्स की उपलब्धि: यह सुनीता विलियम्स का अंतरिक्ष में तीसरा सफल अभियान था। इसके साथ ही, उन्होंने अंतरिक्ष में कुल  608 दिन बिताए हैं उन्हें वर्ष 2008 में भारत के तीसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था, जो विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उनके असाधारण योगदान को मान्यता देता है।

 बहुविकल्पीय प्रश्न

6. सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर ने किस कैप्सूल में सवार होकर पृथ्वी पर वापसी की?

a. स्टारलाइनर कैप्सूल

b. ड्रैगन कैप्सूल

c. क्रू-9 कैप्सूल

d. सोयुज कैप्सूल

Answer and Explanation

7. अंतरिक्ष में लंबे समय तक भारहीनता में रहने के बाद, अंतरिक्ष यात्रियों को कितने दिन के शारीरिक पुनर्वास कार्यक्रम से गुजरना होगा?

a. 30 दिन

b. 45 दिन

c. 60 दिन

d. 90 दिन

Answer and Explanation

8. सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर को मूल रूप से किस कैप्सूल के परीक्षण के लिए अंतरिक्ष में जाना था?

a. क्रू-9 कैप्सूल

b. स्टारलाइनर कैप्सूल

c. सोयुज कैप्सूल

d. ओरियन कैप्सूल

Answer and Explanation

9. सुनीता विलियम्स को भारत के तीसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म भूषण से किस वर्ष सम्मानित किया गया था?

a. 2007

b. 2008

c. 2009

d. 2010

Answer and Explanation

10. सुनीता विलियम्स का अंतरिक्ष में यह कौन सा सफल अभियान था?

a. पहला

b. दूसरा

c. तीसरा

d. चौथा

Answer and Explanation

 

A3.
डॉल्फिन संरक्षण: उत्तर प्रदेश बना नंबर 1!
Dolphin Conservation: Uttar Pradesh Leads the Way!

हाल ही में, भारत ने अपने समृद्ध वन्यजीवों के संरक्षण में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर हासिल किया है, खासकर अपनी अनूठी नदी डॉल्फिन आबादी के लिए।

डॉल्फिन जनगणना में ऐतिहासिक सफलता:

3 मार्च, 2025 को विश्व वन्यजीव संरक्षण दिवस के अवसर पर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जूनागढ़ जिले के सासन गिर में आयोजित राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की 7वीं बैठक में डॉल्फिन संरक्षण के महत्व पर जोर दिया।

इस अवसर पर, देश में पहली बार किए गए 'नदी डॉल्फिन आकलन' की रिपोर्ट जारी की गई, जिसमें कुल 6,327 डॉल्फ़िन का अनुमान लगाया गया। यह संख्या भारत में नदी डॉल्फिन की स्वस्थ आबादी को दर्शाती है।

 

उत्तर प्रदेश बना डॉल्फिन संरक्षण का अगुआ:

इस अग्रणी आकलन में भारत के आठ राज्यों की 28 नदियों का सर्वेक्षण किया गया।

सर्वाधिक डॉल्फिन की संख्या उत्तर प्रदेश में दर्ज की गई, जो इसे भारत में डॉल्फिन संरक्षण में अग्रणी राज्य बनाता है। इसके बाद बिहार, पश्चिम बंगाल और असम का स्थान रहा।

 

गंगा नदी बेसिन में डॉल्फिन का साम्राज्य:

भारतीय वन्यजीव संस्थान (WII) की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, गंगा नदी बेसिन (जिसमें गंगा और उसकी सहायक नदियाँ शामिल हैं) में 4,000 से अधिक डॉल्फिन निवास करती हैं।

इनमें से 2,000 से अधिक डॉल्फिन केवल उत्तर प्रदेश में पाई जाती हैं, जो राज्य के जल निकायों के पारिस्थितिक स्वास्थ्य को उजागर करती हैं।

उत्तर प्रदेश में, डॉल्फिन मुख्य रूप से चंबल नदी में पाई जाती हैं, जो अपने साफ पानी और कम मानवीय हस्तक्षेप के लिए जानी जाती है। इसके अलावा, गंगा नदी में भी इनकी अच्छी खासी संख्या है।

 

गंगा डॉल्फिन: एक अद्वितीय जीव:

गंगा डॉल्फिन (वैज्ञानिक नाम: Platanista gangetica), जिसे अक्सर 'सुसु' भी कहा जाता है, भारत का राष्ट्रीय जलीय पशु है।

यह एक अद्वितीय स्तनपायी है जो अंधी होती है और अपनी शिकार और नेविगेशन के लिए इकोलोकेशन (ध्वनि तरंगों का उपयोग) पर निर्भर करती है।

यह केवल मीठे पानी में ही रह सकती है, जो इसे नदी पारिस्थितिकी तंत्र के स्वास्थ्य का एक महत्वपूर्ण संकेतक बनाती है।

 

अन्य संरक्षण पहलें:

प्रधानमंत्री ने केवल डॉल्फिन ही नहीं, बल्कि अन्य लुप्तप्राय प्रजातियों के संरक्षण के लिए भी महत्वपूर्ण योजनाओं का अनावरण किया।

इनमें 'ग्रेट इंडियन बस्टर्ड' (गोडावण) के लिए एक राष्ट्रीय कार्य योजना, घड़ियाल संरक्षण परियोजना और स्लॉथ बियर जैसी प्रजातियों के बेहतर संरक्षण के लिए एक रोडमैप शामिल है। ये सभी पहलें भारत की समृद्ध जैव विविधता को बनाए रखने की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।

बहुविकल्पीय प्रश्न:

11. देश में पहली बार किए गए नदी डॉल्फिन आकलन की रिपोर्ट किस तिथि को जारी की गई थी?

a) 3 मार्च, 2024

b) 3 मार्च, 2025

c) 3 अप्रैल, 2025

d) 5 जून, 2025

Answer and Explanation

12. नदी डॉल्फिन आकलन रिपोर्ट के अनुसार, भारत में कुल कितनी डॉल्फ़िन का अनुमान लगाया गया था?

a) 4,000 से अधिक

b) 2,000 से अधिक

c) 6,327

d) 28

Answer and Explanation

13. किस राज्य में सर्वाधिक डॉल्फिन की संख्या दर्ज की गई, जिससे वह डॉल्फिन संरक्षण में अग्रणी राज्य बन गया?

a) बिहार

b) पश्चिम बंगाल

c) असम

d) उत्तर प्रदेश

Answer and Explanation

14. गंगा डॉल्फिन अपनी शिकार और नेविगेशन के लिए किस पर निर्भर करती है?

a) आँखों की रोशनी

b) गंध की शक्ति

c) इकोलोकेशन (ध्वनि तरंगों का उपयोग)

d) पानी के बहाव का ज्ञान

Answer and Explanation

15. भारत का राष्ट्रीय जलीय पशु कौन सा है?

a) घड़ियाल

b) स्लॉथ बियर

c) ग्रेट इंडियन बस्टर्ड

d) गंगा डॉल्फिन

Answer and Explanation

 

 

A4.
अंतरिक्ष अनुसंधान में नया मील का पत्थर: ISRO और IIT मद्रास का 'श्री एस. रामकृष्णन सेंटर'
A New Milestone in Space Research: ISRO and IIT Madras' 'Shri S. Ramakrishnan Centre'

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने हाल ही में IIT मद्रास में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है, जो देश के अंतरिक्ष अनुसंधान में एक नया अध्याय जोड़ रहा है। ISRO ने IIT मद्रास में "श्री एस. रामकृष्णन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन फ्लूइड एंड थर्मल साइंसेज रिसर्च" का उद्घाटन किया है। यह केंद्र अंतरिक्ष अनुप्रयोगों से संबंधित जटिल तापीय (थर्मल) चुनौतियों को हल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

 

उद्देश्य: इस अत्याधुनिक केंद्र का प्राथमिक उद्देश्य अंतरिक्ष अनुप्रयोगों के लिए द्रव और तापीय विज्ञान अनुसंधान को उन्नत करना है। यह केंद्र विशेष रूप से ऊष्मा स्थानांतरण (Heat Transfer), शीतलन प्रणाली (Cooling Systems) और द्रव गतिकी (Fluid Dynamics) जैसे क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करेगा।

 

महत्व: यह अनुसंधान अगली पीढ़ी के अंतरिक्ष यान (Spacecraft) और उपग्रह (Satellite) प्रौद्योगिकियों के विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। जैसे-जैसे अंतरिक्ष मिशन अधिक जटिल होते जा रहे हैं, विभिन्न प्रणालियों में उत्पन्न होने वाली अत्यधिक गर्मी का प्रबंधन एक बड़ी चुनौती बन गया है। यह केंद्र इन चुनौतियों का समाधान खोजने में मदद करेगा।

 

उद्घाटन: IIT मद्रास के निदेशक, प्रोफेसर वी. कामकोटि ने 'अर्कोट रामचंद्रन सेमिनार हॉल' का उद्घाटन किया, जिसमें वी. नारायणन (संभवतः ISRO के किसी वरिष्ठ अधिकारी या अन्य गणमान्य व्यक्ति, जिनकी उपस्थिति उद्घाटन को और महत्वपूर्ण बनाती है) भी उपस्थित थे। यह केंद्र IIT मद्रास के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग में स्थित है, जो इस क्षेत्र में अपनी विशेषज्ञता के लिए जाना जाता है।

 

नामकरण: इस केंद्र का नामकरण एक प्रतिष्ठित एयरोस्पेस इंजीनियर और IIT मद्रास के पूर्व छात्र, श्री एस. रामकृष्णन के सम्मान में किया गया है। यह उनके योगदान और विरासत को श्रद्धांजलि है। श्री एस. रामकृष्णन का भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम में महत्वपूर्ण योगदान रहा है।

 

सहयोग का महत्व: ISRO और IIT मद्रास के बीच यह साझेदारी भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम को और मजबूती प्रदान करेगी। यह शिक्षा और उद्योग के बीच एक महत्वपूर्ण तालमेल है, जो अत्याधुनिक अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देगा।

बहुविकल्पीय प्रश्न:

16. ISRO ने हाल ही में IIT मद्रास में किस केंद्र का उद्घाटन किया है?

a) श्री सी.वी. रमन सेंटर फॉर मैटेरियल साइंस रिसर्च

b) श्री एस. रामकृष्णन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन फ्लूइड एंड थर्मल साइंसेज रिसर्च

c) श्री .पी.जे. अब्दुल कलाम सेंटर फॉर रॉकेट प्रोपल्शन

d) श्री होमी भाभा सेंटर फॉर न्यूक्लियर रिसर्च

Answer and Explanation

17.  यह नया केंद्र (श्री एस. रामकृष्णन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन फ्लूइड एंड थर्मल साइंसेज रिसर्च)  मुख्य रूप से अंतरिक्ष अनुप्रयोगों में किन चुनौतियों को हल करने पर केंद्रित है?

a) संरचनात्मक स्थिरता संबंधी चुनौतियाँ

b) जटिल तापीय (थर्मल) चुनौतियाँ

c) संचार व्यवधान संबंधी चुनौतियाँ

d) ऊर्जा उत्पादन संबंधी चुनौतियाँ

Answer and Explanation

18.  यह केंद्र (श्री एस. रामकृष्णन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन फ्लूइड एंड थर्मल साइंसेज रिसर्च)  IIT मद्रास के किस विभाग में स्थित है?

a) सिविल इंजीनियरिंग विभाग

b) कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग

c) मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग

d) इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग

Answer and Explanation

19.  श्री एस. रामकृष्णन, जिनके सम्मान में केंद्र का नाम रखा गया है, किस क्षेत्र से जुड़े एक प्रतिष्ठित व्यक्ति थे?

a) चिकित्सा विज्ञान

b) परमाणु भौतिकी

c) एयरोस्पेस इंजीनियरिंग

d) सूचना प्रौद्योगिकी

Answer and Explanation

20.  ISRO और IIT मद्रास के बीच यह साझेदारी क्या बढ़ावा देगी?

a) केवल शैक्षणिक अनुसंधान

b) अत्याधुनिक अनुसंधान और नवाचार

c) केवल औद्योगिक विकास

d) सरकारी नीतियों का सरलीकरण

Answer and Explanation

 

A5.
दक्षिणी प्रशांत में दुर्लभ चक्रवाती घटना
Unprecedented Cyclones in the South Pacific

हाल ही में, दक्षिणी प्रशांत क्षेत्र में एक ही समय में तीन उष्णकटिबंधीय चक्रवातराय (Rai), सेरू (Seru), और अल्फ्रेड (Alfred) – बने हैं। यह इस क्षेत्र के लिए एक असाधारण घटना है, क्योंकि इतने कम समय (केवल 5 दिनों के भीतर!) में तीन बड़े चक्रवातों का एक साथ बनना बहुत कम देखने को मिलता है।

 

यह क्यों महत्वपूर्ण है?

 

दुर्लभ घटना: उष्णकटिबंधीय चक्रवात एक शक्तिशाली मौसमी घटना है, लेकिन तीन का एक साथ, इतनी तेज़ी से बनना बेहद दुर्लभ है। यह मौसम वैज्ञानिकों के लिए अध्ययन का एक महत्वपूर्ण विषय बन गया है।

प्रभाव: एक साथ कई चक्रवातों का आना तटीय क्षेत्रों में भारी वर्षा, तेज़ हवाओं और बाढ़ का कारण बन सकता है, जिससे जान-माल का काफी नुकसान होने की आशंका रहती है।

जलवायु परिवर्तन का संकेत? कुछ वैज्ञानिक इस तरह की घटनाओं को जलवायु परिवर्तन से भी जोड़कर देख रहे हैं, जहाँ महासागरों का गर्म होना इन शक्तिशाली तूफानों की आवृत्ति और तीव्रता को बढ़ा सकता है।

 

यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि वर्ष 2021 में भी दक्षिणी प्रशांत क्षेत्र में ऐसी ही एक घटना देखी गई थी, जब तीन चक्रवातलुकास (Lucas), एना (Ana), और बीना (Bina) – एक साथ सक्रिय हुए थे। यह दर्शाता है कि यह एक प्रवृत्ति हो सकती है जिसका हमें बारीकी से अध्ययन करने की आवश्यकता है।

 

आइए जानें उष्णकटिबंधीय चक्रवातों के बारे में कुछ और जानकारी:

 

उष्णकटिबंधीय चक्रवात क्या हैं? ये विशाल घूमते हुए तूफ़ान होते हैं जो गर्म, उष्णकटिबंधीय महासागरों के ऊपर बनते हैं।

इन्हें क्या कहते हैं? इन्हें विभिन्न क्षेत्रों में अलग-अलग नामों से जाना जाता है:

हरिकेन (Hurricane): अटलांटिक और उत्तर-पूर्वी प्रशांत महासागर में।

टाइफून (Typhoon): उत्तर-पश्चिमी प्रशांत महासागर में।

चक्रवात (Cyclone): दक्षिण प्रशांत और हिंद महासागर में।

कैसे बनते हैं? इन्हें बनने के लिए गर्म समुद्री पानी (कम से कम 26.5°C), नम हवा, और कम वायुमंडलीय दबाव की आवश्यकता होती है।

प्रभाव: ये तूफ़ान तेज़ हवाएं, भारी वर्षा, तूफानी लहरें (storm surges) और बाढ़ ला सकते हैं, जिससे व्यापक क्षति होती है।

बहुविकल्पीय प्रश्न:

21. दक्षिणी प्रशांत क्षेत्र में हाल ही में एक साथ कितने उष्णकटिबंधीय चक्रवात बने हैं?

a) दो

b) तीन

c) चार

d) एक

Answer and Explanation

22. दक्षिणी प्रशांत में राय, सेरू और अल्फ्रेड नामक तीन चक्रवात कितने दिनों के भीतर बने थे?

a) 10 दिन

b) 7 दिन

c) 5 दिन

d) 15 दिन

Answer and Explanation

23. वर्ष 2021 में दक्षिणी प्रशांत क्षेत्र में एक साथ आए तीन चक्रवातों में से कौन सा नाम लेख में उल्लिखित नहीं है?

a) लुकास (Lucas)

b) एना (Ana)

c) बीना (Bina)

d) डेबी (Debbie)

Answer and Explanation

24. अटलांटिक और उत्तर-पूर्वी प्रशांत महासागर में उष्णकटिबंधीय चक्रवातों को सामान्यतः किस नाम से जाना जाता है?

a) टाइफून (Typhoon)

b) हरिकेन (Hurricane)

c) चक्रवात (Cyclone)

d) बवंडर (Tornado)

Answer and Explanation

25. उष्णकटिबंधीय चक्रवात के निर्माण के लिए समुद्री पानी का न्यूनतम तापमान लगभग कितना होना चाहिए?

a) 20°C

b) 22.5°C

c) 24°C

d) 26.5°C

Answer and Explanation

 

A6.
धरती की गहरी सांस: माउंट फैटेल और मीथेन का रहस्य
Earth's Deep Breath: Mount Fentale and the Methane Mystery

इथियोपिया के माउंट फैटेल (Mount Fentale) ज्वालामुखी ने हाल ही में एक ऐसी अभूतपूर्व प्राकृतिक घटना को जन्म दिया है जिसने वैज्ञानिकों और पर्यावरणविदों दोनों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। इस घटना को "बर्प" (Burp) के रूप में वर्णित किया गया है, जिसमें ज्वालामुखी से भारी मात्रा में मीथेन (Methane) गैस का उत्सर्जन हुआ है। यह सिर्फ एक सामान्य ज्वालामुखी विस्फोट नहीं, बल्कि भूमिगत गैस भंडारों से मीथेन के विशाल प्लम (plumes) का निकलना है, जिसके संभावित जलवायु परिवर्तन निहितार्थ हो सकते हैं।

 

घटना का स्थान: यह अनोखी घटना इथियोपिया में स्थित माउंट फैटेल ज्वालामुखी में हुई है। यह एक सक्रिय स्ट्रैटोवोलकेनो है जो अफ़ार रिफ्ट (Afar Rift) क्षेत्र में स्थित है।

"बर्प" क्या है?: "बर्प" एक अनौपचारिक शब्द है जिसका उपयोग इस घटना को समझाने के लिए किया गया है। इसका अर्थ है कि ज्वालामुखी ने अचानक और बड़ी मात्रा में भूमिगत गैस जमा से मीथेन को "ढकाव" के रूप में बाहर निकाला है।

उत्सर्जित गैस: उत्सर्जित गैस मीथेन (CH₄) है, जो कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) के बाद दूसरा सबसे महत्वपूर्ण ग्रीनहाउस गैस है। हालांकि इसकी वायुमंडलीय उपस्थिति CO₂ से कम है, लेकिन ग्लोबल वार्मिंग क्षमता (Global Warming Potential - GWP) के मामले में यह CO₂ से कहीं अधिक शक्तिशाली है, खासकर कम समय अवधि में।

जलवायु परिवर्तन निहितार्थ: मीथेन का बड़ी मात्रा में वायुमंडल में उत्सर्जन वैश्विक तापमान वृद्धि में योगदान कर सकता है। यह घटना वैज्ञानिकों को भूमिगत गैस भंडारों और ज्वालामुखी गतिविधि के बीच के जटिल संबंधों को समझने में मदद कर सकती है, और यह भी कि वे जलवायु को कैसे प्रभावित कर सकते हैं।

अभूतपूर्व घटना: इस तरह से ज्वालामुखी से मीथेन का बड़ी मात्रा में उत्सर्जन एक दुर्लभ और अभूतपूर्व प्राकृतिक घटना मानी जा रही है। यह वैज्ञानिकों के लिए अध्ययन का एक नया क्षेत्र खोलता है।

 

अतिरिक्त जानकारी:

 

अफ़ार रिफ्ट: माउंट फैटेल अफ़ार रिफ्ट में स्थित है, जो एक टेक्टोनिक रूप से सक्रिय क्षेत्र है जहाँ तीन टेक्टोनिक प्लेटें मिलती हैं और अलग हो रही हैं। यह क्षेत्र अपनी अत्यधिक भूगर्भीय गतिविधि, जिसमें ज्वालामुखी और भूकंप शामिल हैं, के लिए जाना जाता है।

मीथेन के स्रोत: मीथेन कई प्राकृतिक और मानव निर्मित स्रोतों से उत्सर्जित होती है, जैसे दलदल, धान के खेत, पशुधन, जीवाश्म ईंधन का निष्कर्षण और अब, जैसा कि इस घटना में देखा गया, ज्वालामुखी।

वैज्ञानिकों का शोध: वैज्ञानिक अब इस घटना के कारणों और इसके दीर्घकालिक प्रभावों को समझने के लिए गहन शोध कर रहे हैं। वे यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या यह एक अकेली घटना है या भविष्य में और भी "मीथेन बर्प" हो सकते हैं।

बहुविकल्पीय प्रश्न:

26. इथियोपिया के माउंट फैटेल ज्वालामुखी से हाल ही में किस गैस का भारी मात्रा में उत्सर्जन हुआ है?

a. कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂)

b. मीथेन (CH₄)

c. सल्फर डाइऑक्साइड (SO₂)

d. नाइट्रोजन (N₂)

Answer and Explanation

27. माउंट फैटेल ज्वालामुखी की हाल की घटना को किस अनौपचारिक शब्द से वर्णित किया गया है?

a. विस्फोट (Explosion)

b. उबलना (Boil)

c. बर्प (Burp)

d. फुफकारना (Hiss)

Answer and Explanation

28. मीथेन (CH₄) की तुलना में कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) के साथ ग्लोबल वार्मिंग क्षमता (GWP) के संबंध में कौन सा कथन सत्य है?

a. मीथेन CO₂ से कम शक्तिशाली है।

b. मीथेन CO₂ से कहीं अधिक शक्तिशाली है, खासकर कम समय अवधि में।

c. मीथेन और CO₂ की GWP समान है।

d. मीथेन का GWP नगण्य है।

Answer and Explanation

29. माउंट फैटेल ज्वालामुखी किस भूगर्भीय रूप से सक्रिय क्षेत्र में स्थित है?

a. हिमालयी बेल्ट (Himalayan Belt)

b. प्रशांत अग्नि वलय (Pacific Ring of Fire)

c. अफ़ार रिफ्ट (Afar Rift)

d. एंडीज पर्वत श्रृंखला (Andes Mountain Range)

Answer and Explanation

30. ज्वालामुखी से मीथेन का इतनी बड़ी मात्रा में उत्सर्जन किस प्रकार की घटना मानी जा रही है?

a. एक सामान्य घटना

b. एक नियमित मौसमी घटना

c. एक दुर्लभ और अभूतपूर्व प्राकृतिक घटना

d. एक मानव निर्मित घटना

Answer and Explanation

 

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नोट: ये बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs) वर्तमान घटनाओं पर आधारित हैं। कृपया ध्यान दें कि समय के साथ घटनाओं और जानकारी में बदलाव हो सकता है।





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